7वें भाव में केतु: रिश्तों की उलझनें, दूरी और पिछले जन्म का कर्म

ज्योतिष में 7 वां भाव शादी, जीवनसाथी, बिज़नेस पार्टनरशिप और पब्लिक डीलिंग्स से जुड़ा होता है।
जब इसी भाव में केतु बैठा हो, तो रिश्तों में कन्फ्यूज़न, डिटैचमेंट और कर्मिक सबक लेकर आता है।

ऐसे लोग अक्सर अपने पार्टनर को समझ नहीं पाते, या शादी के बाद भी अंदर से खालीपन महसूस करते हैं। कई बार रिश्ता अचानक टूट जाता है, या फिर इंसान खुद ही रिश्तों से ऊबने लगता है।

लेकिन 7वें भाव में केतु के कुछ ऐसे असर भी होते हैं जिनके बारे में ज़्यादातर ज्योतिषी खुलकर बात नहीं करते 👇


1. शादी प्यार नहीं, एक ज़िम्मेदारी लगती है

7वें भाव में केतु वाले लोगों को शादी अक्सर कर्म जैसी लगती है, रोमांस जैसी नहीं।

  • या तो शादी अचानक हो जाती है

  • या फिर शादी बहुत देर से होती है

  • शादी के बाद भी पार्टनर से भावनात्मक दूरी बनी रहती है

  • रिश्ता होते हुए भी अकेलापन महसूस होता है


2. अनोखे लेकिन अस्थिर रिश्ते

केतु आपको ऐसे पार्टनर की ओर खींचता है जो:

  • आध्यात्मिक, रहस्यमयी या भावनात्मक रूप से unavailable हो

  • इंटरकास्ट या लव मैरिज के योग बनते हैं

  • लेकिन रिश्ते लंबे समय तक टिकना मुश्किल होता है

कई बार शादी में:

  • गलतफहमियाँ

  • कम्युनिकेशन की कमी

  • बार-बार ब्रेकअप या पैचअप

और कुछ लोग तो शादी से पूरी तरह दूरी बना लेते हैं।


3. बिज़नेस पार्टनरशिप में सावधानी ज़रूरी

7वें भाव का केतु बिज़नेस में भी टेस्ट लेता है।

  • पार्टनर धोखा दे सकता है

  • या आप गलत लोगों पर भरोसा कर बैठते हैं

  • इसलिए पार्टनरशिप में नुकसान होने की संभावना रहती है

👉 ऐसे लोगों के लिए अकेले काम करना ज़्यादा फायदेमंद रहता है।


4. सोशल लाइफ से दूरी

  • बड़ी भीड़ या सोशल गैदरिंग पसंद नहीं

  • अकेले रहना ज़्यादा सुकून देता है

  • इमोशनल कमिटमेंट से डर

  • कई बार रिश्तों में असफलता के बाद आध्यात्मिक झुकाव बढ़ जाता है


5. पिछले जन्म का अधूरा कर्म

7वें भाव में केतु बताता है कि:

  • शादी और रिश्तों से जुड़ा पिछले जन्म का कर्म बाकी है

  • इसीलिए इस जन्म में बार-बार रिश्तों में कठिनाई आती है

सीख ये है 👉
डिटैचमेंट सीखें, लेकिन जिम्मेदारियों से भागें नहीं।


7वें भाव में केतु के लिए खास उपाय (Special Remedies)

अगर आपकी कुंडली में केतु 7वें भाव में है, तो ये उपाय ज़रूर अपनाएँ 👇

1. रिश्तों में पूरी ईमानदारी रखें

केतु भ्रम पैदा करता है। साफ-साफ बात करना रिश्ते बचाता है।

2. कैज़ुअल या स्वार्थी रिश्तों से बचें

केतु खोखले रिश्तों से दूर करता है। सच्चे और आत्मिक रिश्ते चुनें।

3. रोज़ शाम को शुद्ध घी का दीपक जलाएँ

दक्षिण-पश्चिम दिशा में दीपक जलाना शादी और पार्टनरशिप को स्थिर करता है।

4. बुज़ुर्ग दंपत्तियों की सेवा या दान करें

उनका आशीर्वाद रिश्तों के कर्म को संतुलित करता है।

5. शुक्र मंत्र का जाप करें (शुक्रवार को)

“ॐ शुं शुक्राय नमः”
शुक्र 7वें भाव का स्वामी है, इसे मज़बूत करना ज़रूरी है।

6. रोज़ क्वार्ट्ज (Rose Quartz) पहनें या तकिये के नीचे रखें

ये दिल की हीलिंग करता है और केतु की ठंडक को कम करता है।

7. पार्टनर की आलोचना या तुलना न करें

केतु असंतोष बढ़ाता है। कृतज्ञता (Gratitude) सीखें।

8. मिरर मेडिटेशन करें

रोज़ 5 मिनट अपनी आँखों में देखें — इससे रिश्तों में समझ बढ़ती है।

9. बेडरूम में सफेद हंस या कबूतर की फोटो/मूर्ति रखें

ये प्रेम, निष्ठा और संतुलन का प्रतीक हैं।

10. शुक्रवार को खुशबू, कपड़े या ब्यूटी आइटम दान करें

शुक्र ऊर्जा बढ़ती है और रिलेशनशिप ब्लॉकेज हटते हैं।

11. रोज़ दुर्गा चालीसा पढ़ें

12. ललिता सहस्रनाम सुनें


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  • शादी में देरी या तलाक

  • रिश्तों में बार-बार टूटन

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✅ पिछले जन्म का कर्म और पितृ दोष

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