बसंत पंचमी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना मां सरस्वती की कृपा रुक सकती है

बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, विद्या, वाणी और नई ऊर्जा का दिव्य पर्व है। इस दिन मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है और विद्यार्थी, कलाकार, लेखक एवं साधक ज्ञान प्राप्ति के लिए विशेष साधना करते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बसंत पंचमी के दिन कुछ छोटी-सी गलतियां भी मां सरस्वती की कृपा में बाधा बन सकती हैं?
आइए जानते हैं वे बातें जिन्हें इस शुभ दिन कभी नहीं करना चाहिए।


एक सच्ची घटना जो बहुत बड़ी सीख देती है

एक बार मेरे जानने वालों में एक स्टूडेंट ने बसंत पंचमी की सुबह बहुत अच्छे से पूजा की। लेकिन कुछ ही देर में घर में किसी बात को लेकर बहस हो गई।
गुस्सा बढ़ा, आवाजें ऊँची हुईं और दिन भर मन भारी-सा रहा। पढ़ाई में मन नहीं लगा, सिर दर्द और चिड़चिड़ापन बना रहा।

तभी उनकी दादी ने सिर्फ इतना कहा —
“बेटा, यह दिन ज्ञान का है, गुस्से का नहीं।”

यहीं से हमें समझ आता है कि बसंत पंचमी पर मानसिक और भावनात्मक शुद्धता कितनी जरूरी है।


बसंत पंचमी पर भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां

1. वाद-विवाद और गुस्सा न करें

बसंत पंचमी पर:

  • किसी से झगड़ा न करें

  • वाणी में कटु शब्द न बोलें

  • बड़ों का अपमान बिल्कुल न करें

क्यों?
क्योंकि मां सरस्वती वाणी और बुद्धि की देवी हैं। इस दिन नकारात्मक बोल, तर्क-वितर्क और क्रोध से ज्ञान की ऊर्जा बाधित हो जाती है।


2. मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें

इस दिन:

  • मांसाहार

  • शराब

  • अत्यधिक मसालेदार भोजन

  • प्याज और लहसुन

का सेवन न करें।

क्यों?
यह सब मन को भारी बनाता है और पूजा का प्रभाव कम कर देता है।
बसंत पंचमी पर सात्त्विक भोजन ही ग्रहण करें।


3. काले और लाल कपड़े पहनने से बचें

इस शुभ दिन:

  • पीले या सफेद वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है।

पीला रंग – ज्ञान, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक
सफेद रंग – शुद्धता और शांति का प्रतीक


4. पेड़-पौधे या फसल न काटें

बसंत पंचमी से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है। यह नई ऊर्जा और नवजीवन का समय होता है।

इस दिन:

  • पेड़-पौधे काटना

  • फसल काटना

अशुभ माना जाता है।


5. किताबें फाड़ना या रद्दी में देना बिल्कुल न करें (स्टूडेंट्स के लिए बेहद जरूरी)

इस दिन:

  • किताबें फाड़ना

  • बेचना

  • रद्दी में देना

  • नुकसान पहुंचाना

ज्ञान का अपमान माना जाता है।

क्योंकि बसंत पंचमी पर कलम और किताब की पूजा होती है।


6. बिना स्नान किए भोजन न करें

बसंत पंचमी पर:

  • स्नान के बाद ही पूजा करें

  • पूजा के बाद ही भोजन करें

यह शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।


7. घर में कलह और नकारात्मक विचार न आने दें

इस दिन:

  • झगड़ा

  • द्वेष

  • ईर्ष्या

  • गलत सोच

से खुद को दूर रखें।
शांत, सकारात्मक और पवित्र मन से पूजा करें।


बसंत पंचमी का आध्यात्मिक महत्व

बसंत पंचमी:

  • ज्ञान का द्वार खोलती है

  • नई ऊर्जा का संचार करती है

  • जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाती है

  • बुद्धि, स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाती है

अगर इस दिन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो मां सरस्वती की कृपा जीवन को प्रकाशमय बना देती है।


निष्कर्ष (Conclusion)

बसंत पंचमी हमें सिखाती है कि —

ज्ञान केवल किताबों से नहीं, बल्कि शुद्ध विचार, मधुर वाणी और संयमित आचरण से प्राप्त होता है।

अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, तो
बसंत पंचमी सच में आपके जीवन में रोशनी, ऊर्जा और सफलता लेकर आएगी

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